स्टेशनरी शॉप का बिजनेस कैसे शुरू करें|Stationary & Books Shop Business Plan in Hindi

सितंबर 08, 2021

[स्टेशनरी शॉप का बिजनेस कैसे शुरू करें|Stationary & Books Shop Business Plan in Hindi]

आज के इस ब्लॉग पोस्ट के जरिए मैं आपको जिस टॉपिक के बारे के बताने जा रहा हूं उस टॉपिक का टाइटल है “stationary shop business plan in hindi” यानी की “स्टेशनरी शॉप का बिजनेस कैसे शुरू शुरू करें” आज के time में ज्यादातर लोग अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचते है।(बुक स्टोर का बिजनेस कैसे शुरू करें)ऐसे में stationary & book shop का बिजनेस शुरू करना बोहोत ही अच्छा आइडिया है।(बुक्स की दुकान कैसे खोलें)

भारत एक ऐसा देश है जहां पर शिक्षा को काफी ज्यादा महत्व दिया जाता है।(book shop business plan in hindi)एक समय ऐसा था जब पढ़ने–लिखने का अधिकार केवल लड़कों को था।लेकिन अब लड़कियों को भी शिक्षा का आधार है।(stationary & books shop business plan in hindi)इसके साथ पहले स्कूल और कॉलेजों की संख्या भी कम थी परंतु अब स्कूल और कॉलेजों की संख्या भी बढ़ गई है।

शिक्षा के साथ किताबों का भी महत्व भी बढ़ गया है। ऐसे में आप अपना स्टेशनरी शॉप का बिजनेस शुरू करना चाहते हो और मुनाफा के साथ स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के काम आने वाली चीजों का व्यापार करना चाहते हो तो यह एक अच्छा विचार हैं।(स्टेंशनरी की दुकान कैसे खोले)

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आज के इस आर्टिकल के द्वारा आपको यह पता चल जायेगा की कैसे स्टेशनरी शॉप का बिजनेस कैसे शुरू करें?इसलिए इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़िएगा ताकि कोई सवाल आपके मन मे न रह जाए।इस पूरे लेख में आपको स्टेशनरी शॉप से संबधित सभी चीजों के बारे के विस्तार से मैं बताऊंगा।

स्टेशनरी शॉप कैसे खोलना है?कितनी लागत आयेगी?कितना प्रॉफिट होगा?आदि सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल के जरिए मिलने वाले हैं।Stationary Shop Business kaise Shuru Kare के बारे में जानने से पहले इस व्यापर से संबधित पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर मैं आपको बताने जा रहा हूं।

स्टेशनरी और बुक्स शॉप क्या होती है?

स्टेशनरी या फिर बुक्स शॉप एक ऐसी दुकान होती है जहां पर शिक्षा और पढ़ाई–लिखाई से संबंधित चीजे जिनका प्रयोग स्कूल और कॉलेजों के साथ exam में किया जाता है आदि का बिजनेस किया जाता है।इनमे पेन,पेंसिल,शीट्स,कलर,बुक्स आदि चीजों का व्यापार किया जाता है।इसके अतिरिक्त प्रिंटर में इस्तेमाल होने वाली चीजे जैसी की ink आदि भी इस बिजनेस के अंतर्गत आती है।आगे जानेंगे की स्टेशनरी के प्रकार कितने हैं?

स्टेशनरी के रूप से मुख्य कितने प्रकार हैं?Stationary Types In Hindi

स्टेशनरी के मुख्य रूप से तीन प्रकार है।जिनके बारे में चलिए जानते हैं।

  • Genaral Stationary (सामान्य स्टेशनरी) :– जैसा की नाम से पता चल रहा है की gernal stationary यानी की ऐसे सामान्य स्टेशनरी items जिनका प्रयोग सामान्य रूप से किया जाता है जैसे की पेन,पेंसिल,शीट्स,इरेसर, शार्पनर आदि।
  • Printing Stationary(प्रिंटिंग स्टेशनरी) :– इसके अंतर्गत उन स्टेशनरी items का प्रयोग किया जाता है जिनका प्रयोग प्रिंटिंग मशीन में किया जाता है।जैसे की printer cartridge, printing paper, printing ink,printing bond आदि।
  • Computer Stationary (कम्प्यूटर स्टेशनरी) :– कंप्यूटर स्टेशनरी से अभिप्राय कंप्यूटर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाली स्टेशनरी items से हैं। जैसे की CD,DVD,Pen Drive,Mouse Pad आदि

वर्तमान मार्केट में इस बिजनेस की मांग कैसी हैं?

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले उस व्यवसाय की वर्तमान मार्केट में मांग कैसी है इस बारे के आपको जानकारी जरूर होनी चाहिए।क्योंकि बिना किसी मांग के अगर आप कोई भी अपनी मर्जी का बिजनेस शुरू कर देते हो तो उसका कोई फायदा नहीं होगा।इसी प्रकार आपको स्टेशनरी बिजनेस की मांग के बारे में भी ज्ञान होना चाहिए।

जैसा की मैने पहले ही बताया है की भारत जैसी अधिक आबादी वाले देश में शिक्षा का महत्व काफी ज्यादा हैं।भारत सरकार के चाहती है की यहां के युवा पढ़ाई में रुचि ले और खासकर लड़कियों को भी सामान शिक्षा दी जाए।इसी वजह से पढ़ाई में सरकार द्वारा पैसे भी ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं।इसके साथ सरकार पढ़ने के लिए बच्चों को किताब भी उपलब्ध कराती है।

यदि स्टेशनरी बिजनेस के वर्तमान बाजार में मांग को देखा जाए तो वह व्यक्ति जो इस बिजनेस को शुरू करना चाहते है तो उनके लिए बोहोत ही अच्छा अवसर है।आज के समय में जहां पर ज्यादातर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है तो किताबों की मांग भी बेहद गई है।वह लोग जो नौकरी की तयारी करते है उनको भी तरह–तरह की किताबों की तलाश रहती है।साथ ही स्कूल और कॉलेजों में exam के टाइम पर स्टेशनरी प्रोडक्ट जैसे exam sheets आदि की आवश्यकता होती है।

इन सभी बातों पर अगर ध्यान दिया जाए तो आप अच्छी तरह समझ सकते हो की यह व्यवसाय लंबे समय तक चलने वाला है।इस बिजनेस की मांग पूरे वर्ष रहती है।इस बिजनेस की सबसे बड़ी खासियत यह है की आपके ग्राहक छोटे बच्चों के साथ बड़े लोग भी होंगें। हर उम्र के ग्राहक आपके व्यवसाय के साथ जुड़ते है।इस पैराग्राफ से आप समझ ही गए होंगे की इस बिजनेस की मांग काफी ज्यादा है।

स्टेशनरी शॉप में कौन–कौन सी चीजे बेची जाती है?

जैसा की मैने पहले ही बताया कि स्टेशनरी शॉप के अंतर्गत शिक्षा, पढ़ाई–लिखाई और लेखन संबधी कार्यों में इस्तेमाल होने वाली चीजों को शामिल किया जाता है।लेकिन फिर भी मैं आपको एक लिस्ट बता देता हूं जिससे की आपको समझ आ जायेगा की कौन–कौन सी चीजों की इस बिजनेस के अंतर्गत शामिल किया जाना हैं।नीचे मैने इनके बारे के बताया है।

पेन,पेंसिल,शीट्स,कलर,स्केच,इरेजर,शार्पनर,स्केल,इंक,मार्कर व्हाइट पेपर,व्हाइट बोर्ड,सेलो टेप,क्रेयोन कलर,मैगजीन,नोट बुक्स, रजिस्टर,ब्लू इंक,एग्जाम पेपर,क्लिप बोर्ड,बुक कवर,पेपर कटर, कैलकुलेटर,गोंद,डबल साइडेड टेप,इंक पेन,कार्बन पेपर,गिफ्ट पेपर,रेवेन्यू स्टैंप,डिक्सनरी,ज्योमेट्री बॉक्स,पंचिंग मशीन, इंक पैड,पेपर वेट,कॉल बेल,चार्ट्स आदि।

यह सभी चीजे एक स्टेशनरी शॉप में जरूर होनी चाहिए।इसके अलावा भी बोहोत सारी चीजों का होना जरूरी है।फिलहाल मैने आपको इतनी चीजों के बारे के ही बताया है।जब आप आगे जाके सप्लायर से contact करोगे तो आपको बाकी सामान के बारे में पता चल जायेगा।

स्टेशनरी और बुक्स शॉप खोलने के लिए कितना इन्वेस्टमेंट लगेगा?

व्यवसाय चाहे हो भी हो उसमे इन्वेस्टमेंट तो करना होगा।व्यवसाय की बेहतरीन बात यह है की आप व्यवसाय में जितना पैसा निवेश करोगे बाद में व्यवसाय आपको उसका प्रतिफल जरूर देगा।ठीक अन्य प्रकार के बिजनेस की स्टेशनरी और बुक्स शॉप बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको investment तो करनी होगी। मैं आपको इसमें लगने वाले investment को दो हिस्सों में बांट कर बताऊंगा।पहला दुकान की फिटिंग और फर्नीचर और दूसरा दुकान के लिए स्टेशनरी का सामान।

  • दुकान की फिटिंग और फर्नीचर :– जैसा की आप एक स्टेशनरी और बुक्स शॉप का बिजनेस शुरू करना चाहते हो। ऐसे में आपको यह भी पता होना चाहिए की ऐसी शॉप के लिए फिटिंग और फर्नीचर का अच्छा होना जरूरी है।क्योंकि स्टेशनरी शॉप में बुक्स और ऐसी चीजे रखी जाती है जिनके लिए प्रॉपर जगह का होना जरूरी है।इसके साथ एक अच्छा सा काउंटर भी होना चाहिए जिसके अंदर आप सामान भी रख सको और उसे कैश काउंटर के रूप में भू इस्तेमाल किया जा सके।यदि बात करू इसमें लगने वाली इन्वेस्टमेंट की तो 40 से 45 हजार रूपए दुकान की फिटिंग और फर्नीचर का कार्य करवा सकते हो।

  • स्टेशनरी शॉप के लिए सामान :– ऊपर तो मैने आपको दुकान की फिटिंग और फर्नीचर के निवेश के बारे में बताया। अब बात करते है की दुकान के सामान के लिए कितना निवेश करना होगा। वैसे तो आप इस बिजनेस को 1 लाख तक का निवेश करके के भी शुरू कर सकतें हो।लेकिन यदि आप चाहते हो की आप अपने व्यवसाय को थोड़े बड़े स्तर से शुरू करो और आपके पास पूंजी है तो आपको 2 से 3 लाख का निवेश जरूर करना चाहिए।इससे आप एक अच्छा बिजनेस शुरू कर पाओगे।
दुकान के लिए सामान कहां से खरीदें?

सामान की लिस्ट तैयार कर लेने के बाद अगला कदम होता है दुकान के लिए सामान खरीदना।क्योंकि बिना सामान के तो दुकान थोड़ी न खोल सकतें है।लेकिन सबसे बड़ा सवाल आता है की आखिर दुकान के लिए सामान खरीदा कहां से जाए।तो इसका जवाब है की आपको उन कंपनियों से संपर्क करना होगा जिन ब्रांड के प्रोडक्ट आप खरीदना चाहते हो।

जैसे आप उनसे संपर्क करोगे उसके बाद उसने बात चीत करने आप डायरेक्ट ही सामान मंगवा सकते हो।इसके साथ आप सप्लायर यानी की wholesaler की तलाश कर सकते हो जो आपको आपके दुकान के लिए जरूरी चीज कम दाम पर उपलब्ध करवा सके।साथ ही आजकल ऑनलाइन ऐसी कई सारी वेबसाइट्स है जिनके माध्यम से आप माल खरीद सकते है।

स्टेशनरी का सामान आप शहर जाके भी थोक में खरीद कर ला सकते हो। शहर में आपको बोहोत सारे बुक डिपो होते है जहां से आप डिस्काउंट में सामान खरीद सकते हो।और व्यापारिक संबद्ध भी आप स्थापित कर सकते हो ताकि भविष्य में आप उनके साथ अच्छे से व्यापार कर सको।

स्टेशनरी शॉप का बिजनेस कैसे शुरू करें|Stationary & Books Ki Dukan Kaise Khole

स्टेशनरी शॉप का बिजनेस कैसे शुरू करें
स्टेशनरी शॉप का बिजनेस

ऊपर के सभी लेखों से तो आपने बिजनेस से जुड़ी अन्य बातों के बारे में जान लिया है।और अब मैं आपको बताने वाला हूं की आप स्टेशनरी शॉप बिजनेस कैसे शुरू करें यानी की stationary & books shop business plan in hindi। इसके बारे में जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़िएगा।

1.लिखित योजना का होना जरूरी :–

व्यवसाय चाहे जैसा भी हो उसकी ज्यादातर सफलता इस बात पर निर्भर करती है आपने उस व्यवसाय की शुरुआत कैसे की है?और उसकी शुरुआत इस बात पर निर्भर करती है की आपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए व्यवसायिक योजना कैसी बनाई है?एक बात  याद रखिएगा की बिजनेस चाहे छोटा हो या बड़ा,लिखित रूप में योजना का होना जरूरी हैं।

ऐसे कई सारे व्यवसाय शुरू होते है लेकिन कुछ ही समय बाद वह बंद हो जाते है या फिर उनको उतना लाभ नही मिल पाता है जिनके अपेक्षा उनको रहती है।इसका सबसे बड़ा कारण होता है योजना का न होना।इसी तरह बात करे यदि स्टेशनरी शॉप बिजनेस की तो इसको शुरू करने के लिए आपको एक अच्छा बिजनेस प्लान बनाना होगा।प्लान के अंतर्गत आपको काफी चीजों को लिखना होगा।

जैसे की आप दुकान कहां शुरू करोगे?किस कक्षा के विद्यार्थियों के लिए किताबे रखोगे?कितना सामान आप रखोगे?स्टेशनरी शॉप की दुकान कैसे खोलोगे?व्यवसाय में खर्चा कितना होगा? आदि जैसे अन्य चीजों को आपको शामिल करना होगा।जब आपके पास एक लिखित रूप में प्लान होगा तो आप उसके according step by step काम कर सकते हो और आपको कोई परेशानी भी नही आयेगी।

2.स्थान निर्धारित करना :–

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए एक सही स्थान की जरूरत पड़ती है।स्टेशनरी शॉप का बिजनेस शुरू करने के लिए भी आपको एक दुकान की जरूरत पड़ेगी जहां आप अपने बिजनेस को setup कर सको।इसके लिए आपको मार्केट के नजदीक दुकान किराए पर लेनी होगी।अगर बात दुकान के साइज की करे तो आपको 300 से 400 स्क्वायर फीट की जगह की जरूरत होगी।

इतनी जगह पर आप आसानी से किताब और अन्य स्टेशनरी items को रख सकते हो।यह एक ऐसा बिजनेस है जिसे आप अपने खुद के घर पर भी शुरू कर सकते हो यदि आपके पास घर पर इतनी जगह है तो।साथ ही आपको इस बिजनेस के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करना होगा जहां पर इस बिजनेस से संबधित ग्राहक आते रहे।

जैसे की स्कूल,कॉलेज,सरकारी दफ्तर आदि स्थान पर आप दुकान किराए पर ले सकते हो।यहां पर आपकी बिक्री ज्यादा होने की संभावनाएं है।और जैसे–जैसे आपके व्यवसाय में growth होगी वैसे–वैसे ही आपको स्कूल और कॉलेजों से स्टेशनरी सामान का ऑर्डर भी मिल सकता है।इसलिए सही स्थान का चयन करें।

3.फिटिंग और फर्नीचर की व्यवस्था :–

स्टेशनरी का बिजनेस शुरू करने के लिए सही फिटिंग और फर्नीचर का होना जरूरी है।क्योंकि आपको इस दुकान के किताबे रखनी और और अन्य स्टेशनरी items रखनी है जिसके लिए प्रॉपर सेक्शन का होना जरूरी है।एक स्टेशनरी की दुकान में चेयर,ग्राहकों को बैठने के लिए टेबल,सामान के लिए काउंटर जिनमे आप कैश भी रख सकते हो आदि चीजों की जररूत पड़ेगी।दुकान का इंटीरियर ऐसा होना चाहिए जो ग्राहकों को पसंद आए।जिससे की वो आपके व्यवसाय की तरफ आकर्षित हो।

4.व्यवसाय का पंजीकरण करवाना :–

हालांकि छोटे स्तर पर शुरू किए जाने वाले व्यवसाय के लिए लाइसेंस बनवाना और रजिस्ट्रेशन आदि करवाना जरूरी नहीं होता है।लेकिन व्यवसाय की सुरक्षा के लिए आपको लाइसेंस बनवा लेना चाहिए और साथ ही किसी तरह कोई कानूनी बाधा भविष्य में न आए इसके लिए व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लीजिए।क्योंकि हो सकता उस स्थान के लिए आपको यह सब करवाना जरूरी हो।

5.बिजनेस की मार्केटिंग करना :–

आज के समय में किसी भी प्रकार के व्यवसाय जो छोटा हो या बड़ा उसकी सफलता के लिए मार्केटिंग का अहम रोल है।स्टेशनरी शॉप बिजनेस शुरू करने के लिए आप उसे ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हो।आपको चाहिए की आप अपने बिजनेस को लोगों तक पानीच्ये जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आपके व्यवसाय की तरफ आकर्षित हो।

स्टेशनरी बिजनेस के लिए भी आप मार्केटिंग अवश्य करना चाहोगे।इससे आपका बिजनेस जल्दी से जल्दी आगे बढ़ेगा।अपने बिजनेस की मार्केटिंग के लिए आप कई सारे तरीके अपना सकतें हो।आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनो तरीके से अपने बिजनेस की मार्केटिंग कर सकते हो।

यदि ऑफलाइन तरीके की बात की जाए तो आप बड़े बड़े advertisement board लगवा सकते हो जिसपर आप अपने बिजनेस के बारे के जानकारी दे सकते हो।साथ ही आप स्कूल कॉलेज के समीप आप पोस्टर भी लगवा सकते हो।इसके अलावा आप स्कूल कॉलेज में जाके स्टूडेंट को अपने शॉप के बारे के बता सकते हो।

Online तरीके के आप इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपने दुकान के नाम से पेज बनाकर उनपर स्टेशनरी सामान के फोटो अपलोड करके अपने व्यापार को आगे बढ़ा सकते हो। अतः आपको अपने नए शुरू किए गए बिजनेस के लिए मार्केटिंग करना बोहोत जरूरी है।

स्टेशनरी शॉप बिजनेस से कितना लाभ कमाया जा सकता हैं।

व्यवसाय का उद्देश्य ही लाभ कमाना होता है।अन्य बिजनेस की तरह ही इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले व्यक्ति के मन में सवाल जरूर आता होगा की वह इससे कितना लाभ कमा सकते हो।तो इसका जवाब है की लाभ इस बात पर निर्भर करता है की आपके द्वारा बेची जाने वाली चीजे ब्रांड की है या नहीं।

ब्रांडेड चीजों को आप केवल mrp rate पर सकतें हो जिसपर आपको 20 से 25 प्रतिशत तक ही लाभ होगा।लेकिन वही आप लोकल ब्रांड या फिर अनब्रांडेड चीजें बेचते हो तो आपको ज्यादा फायदा होगा।

ऐसे प्रोडक्ट पर आप 40 से 50 प्रतिशत तक का लाभ अर्जित कर सकते हो।इसके अतिरिक्त अन्य कई सारे फैक्टर है जिनपर लाभ निर्भर करता है।लेकिन यह एक व्यवसाय ऐसा है जो एक बार अच्छे से स्थापित हो जाए तो उससे लंबे समय तक काफी ज्यादा लाभ कमाया जा सकता हैं।

Conclusion :–

स्टेशनरी शॉप बिजनेस कैसे शुरू करें” विषय के ऊपर लिखे गए इस आर्टिकल के जरिए आपको अच्छे से मालूम हो गया होगा की कैसे आप स्टेशनरी और बुक्स शॉप का बिजनेस शुरू कर सकते हो। मुझे उम्मीद हैं की आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा।यदि आपको यह जानकारी पसंद आए तो मुझे अपना फीडबैक जरूर दें।











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